टी20 वर्ल्ड कप 2026 के सबसे रोमांचक मुकाबले में पाकिस्तान को भारत के हाथों 61 रनों की शर्मनाक हार का सामना करना पड़ा। इस हार के बाद पाकिस्तानी टीम में भूचाल आ गया। हार के असर को ‘साइड इफेक्ट’ मानते हुए टीम प्रबंधन ने अगले ही मैच में दो बड़े फैसले लिए।
पूर्व कप्तान बाबर आजम को ओपनिंग से हटाकर नीचे भेज दिया गया, वहीं तेज गेंदबाजी आक्रमण के स्तंभ शाहीन शाह अफरीदी को प्लेइंग इलेवन से बाहर का रास्ता दिखा दिया गया। हालांकि, टीम के हेड कोच माइक हेसन ने साफ कर दिया है कि ये फैसले हार का नतीजा नहीं, बल्कि टीम की लंबी अवधि की रणनीति का हिस्सा हैं।
शाहीन अफरीदी ड्रॉप: क्या थी असल वजह?
भारत के खिलाफ लीग मैच में शाहीन शाह अफरीदी ने महज 2 ओवर में 31 रन लुटाए और सिर्फ एक विकेट हासिल किया। लेकिन कोच हेसन का कहना है कि उन्हें सिर्फ खराब प्रदर्शन के चलते बाहर नहीं किया गया।
“यह कहना गलत होगा कि शाहीन को खराब गेंदबाजी की वजह से बाहर बैठाया गया। हमारा मानना था कि सलमान मिर्जा को मौका मिलना चाहिए। वह इसके हकदार थे। यह फैसला टीम की जरूरत और विपक्षी टीम को ध्यान में रखकर लिया गया था, न कि किसी बड़े बदलाव के तौर पर।”
इस बयान से साफ है कि पाकिस्तान अब सिर्फ स्टार खिलाड़ियों के नाम पर भरोसा नहीं करना चाहता, बल्कि कॉम्बिनेशन और फॉर्म को प्राथमिकता दे रहा है।
बाबर आजम को नीचे भेजने की असल वजह?
बाबर आजम, जिन्हें पाकिस्तान का सबसे भरोसेमंद बल्लेबाज माना जाता है, भारत के खिलाफ सिर्फ 5 रन बना सके थे। उनके स्ट्राइक रेट को लेकर हमेशा सवाल उठते रहे हैं। कोच हेसन ने इस मुद्दे पर खुलकर बात की।
पॉवरप्ले में धीमी बल्लेबाजी चिंता का विषय:
हेसन ने कहा कि बाबर खुद जानते हैं कि वर्ल्ड कप में पॉवरप्ले के दौरान उनका स्ट्राइक रेट 100 से भी नीचे रहा है।
“आधुनिक टी-20 क्रिकेट में हमें पॉवरप्ले में तेजी से रन बनाने होंगे। हम विकेट के नुकसान की कीमत पर भी रन गति को तेज रखना चाहते हैं। इसलिए बाबर की भूमिका बदली गई है।”
नई भूमिका: मिडिल ओवर्स के ‘एंकर’
हेसन ने बताया कि बाबर आजम अब मिडिल ओवर्स (7 से 15) में टीम को संभालने का काम करेंगे।
“बाबर मिडिल ओवर्स के लिए हमारे सबसे भरोसेमंद खिलाड़ी हैं। अगर टीम मुश्किल में होती है, जैसा कि यूएसए के खिलाफ हुआ था, तो बाबर पारी को संभाल सकते हैं और सेट होने के बाद रन रेट बढ़ा सकते हैं। एशिया कप के बाद उन्हें इसी रोल के लिए वापस टीम में लाया गया था।”
नामीबिया में क्यों नहीं आए बाबर?
नामीबिया के खिलाफ मैच में जब साहिबजादा फरहान ने धमाकेदार शतक जड़ा, तो शादाब खान को बाबर से पहले बल्लेबाजी के लिए भेजा गया। बाबर को बल्लेबाजी का मौका ही नहीं मिला। इस पर हेसन की सफाई चौंकाने वाली थी:
“12वें ओवर के बाद हमें तेजी से रन बनाने थे। उस समय बाबर आजम उस रोल के लिए सबसे सही विकल्प नहीं थे। हमारे पास ऐसे खिलाड़ी हैं जो डेथ ओवर्स में बड़े शॉट खेल सकते हैं। बाबर जानते हैं कि टीम को उनकी जरूरत कब है।”
सुपर-8 में न्यूजीलैंड से चुनौती
अब पाकिस्तान की नजरें सुपर-8 के पहले मैच पर हैं, जहां उसे कोलंबो में कीवी टीम से भिड़ना है। कोलंबो की पिच स्पिनर्स की मददगार मानी जाती है, ऐसे में पाकिस्तान अपनी प्लेइंग इलेवन और रणनीति में और बदलाव कर सकता है।
कोच हेसन ने साफ किया है कि टीम का मुख्य फोकस अब पॉवरप्ले में तेजी से रन बनाना है और हर खिलाड़ी को उसकी रोल के हिसाब से मौका देना है। भारत से मिली हार के बाद ये बदलाव बताते हैं कि पाकिस्तान अब पुरानी गलतियों को दोहराने के मूड में नहीं है।
इसे भी पढ़ें:
- [IND vs PAK: भारत ने पाकिस्तान को हराकर रचा इतिहास, मैच रिपोर्ट]
- [टी20 वर्ल्ड कप 2026: सुपर-8 का पूरा शेड्यूल और अंक तालिका]